नागपुर. महाराष्ट्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत पंजीकृत 536 शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। अब नागरिकों को सेवाओं के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि ये सभी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएँगी। इस दिशा में सेवा अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, ऐसी सख्त हिदायत राज्य सेवा अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त मनुकुमार श्रीवास्तव ने दी। मुख्य आयुक्त ने नागपुर संभाग में इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्तों से बातचीत की। बैठक में नागपुर संभाग के राज्य सेवा अधिकार आयुक्त अभय यावलकर, प्रभारी संभागीय आयुक्त डॉ. माधवी खोडे-चवरे, जिलाधिकारी डॉ. विपीन इटनकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, महानगरपालिका अपर आयुक्त श्री चारठणकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि जनता को स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन देने के लिए सरकार ने 100 दिनों का विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत शासकीय सेवाओं को 100% समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को प्रभावी एवं परिणामकारी उपाय करने होंगे। उन्होंने वर्धा जिले में ‘सेवादूत’ योजना के तहत घरपोच सेवा उपलब्ध कराने का उदाहरण देते हुए नागपुर जिले में भी इस योजना को लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तरीय कार्यालयों की वेबसाइट पर राज्य सेवा अधिकार अधिनियम और सेवा हक्क आयोग की जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि नागरिकों को सेवाओं का लाभ लेना आसान हो। इसके अलावा, ग्राम पंचायत कार्यालयों में सूचना बोर्ड पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी तत्काल प्रदर्शित की जाए। मुख्य आयुक्त ने कहा कि ‘आपले सरकार सेवा केंद्रों’ के माध्यम से अधिसूचित सेवाओं का ऑनलाइन लाभ दिया जाए। इन केंद्रों की नियमित जाँच की जाए, हर केंद्र पर शिकायत पेटी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र ऑफलाइन सेवा न दें। राजस्व और नजूल विभाग की अधिकांश सेवाएँ सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आती हैं, इसलिए आवेदकों को सेवाएँ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए केंद्रों पर क्यूआर कोड युक्त मार्गदर्शक बोर्ड लगाए जाएँ। मुख्य आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक तालुका में एक आदर्श ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ स्थापित किया जाए। नागपुर जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों में प्राथमिकता से ऐसे केंद्र शुरू किए जाएँ। नागपुर जिले में कुल 44 केंद्र शुरू करने के लिए आयोग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को शीघ्र लागू किया जाए और इसके लिए विभिन्न योजनाओं से निधि उपलब्ध कराई जाए। 1 अप्रैल 2024 से अब तक लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत 10,48,992 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 9,62,813 आवेदन निपटाए जा चुके हैं। यदि किसी विभाग में 90% से कम आवेदनों का निपटारा समय पर हुआ हो, तो संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण माँगा जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए. राज्य सेवा अधिकार आयोग ने ‘आपले सरकार’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अधिसूचित सेवाओं की व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं। राजस्व विभाग की 18, नागपुर महानगरपालिका की 27 और जिला परिषद की 6 सेवाओं को इस पोर्टल पर अधिसूचित किया गया है। नागपुर जिले में ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से सुविधाएँ देने के लिए मंडल स्तर पर मोबाइल ई-सेवा केंद्रों को प्रायोगिक आधार पर लागू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए आयोग प्रयासरत है। प्रभारी संभागीय आयुक्त डॉ. माधवी खोडे ने बताया कि महाराष्ट्र लोक सेवा अधिनियम के तहत दी जाने वाली सेवाओं को विभागीय स्तर पर लगातार मॉनिटर किया जाएगा, ताकि जनता को ऑनलाइन सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्य आयुक्त श्रीवास्तव ने वर्धा, भंडारा, गोंदिया, गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिलों के अधिकारियों के साथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की और अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










