मुंबई. भंडारा के पास कोका वन्यजीव अभयारण्य के बफर जोन में एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस घटना के विरोध में लोगों ने वन विभाग के खिलाफ चक्काजाम आंदोलन किया। तेंदुए के हमले भी जानलेवा साबित हो रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने मांग की कि जिन गांवों के आसपास बाघ और तेंदुए घूमते हैं, उन्हें घेराबंदी कर सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन वन्यजीवों की वजह से खेतों को भी नुकसान हो रहा है। किसान डर के कारण खेतों में जाने से घबराते हैं, जिससे उनकी खेती प्रभावित होती है। ऐसे में जंगल के पास स्थित गांवों की पहचान कर वहां फेंसिंग कराई जाए। इस पर जवाब देते हुए वन मंत्री गणेश नाइक ने कहा कि साल 2000 में बाघों की संख्या 101 थी, जो अब 2025 में बढ़कर 444 हो गई है। सरकार ने सौर ऊर्जा से चलने वाली फेंसिंग के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। वहीं, स्टील की फेंसिंग के लिए भी विचार किया जा रहा है। बाघ और तेंदुओं के हमलों को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। इसे ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शुक्रवार को विशेष बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें इस गंभीर समस्या पर चर्चा होगी।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










