चंद्रपुर. वरोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खांबाडा में राजनीतिक दुश्मनी के चलते कांग्रेस से जुड़े अनिरुद्ध देठे ने एक नेत्रहीन दिव्यांग वसंता बावणे के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, जब वसंता बावणे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। हालांकि, जब पीड़ित पुलिस स्टेशन पहुंचा, तो वरोरा पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके विपरीत, आरोपी अनिरुद्ध देठे की झूठी शिकायत के आधार पर वसंता बावणे के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। इस मामले को लेकर एडवोकेट अमोल बावणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस घटना की शिकायत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से आईजी और मुख्यमंत्री तक भेजी गई है। एड. बावणे का कहना है कि पीड़ित वसंता बावणे का परिवार बीजेपी से जुड़ा हुआ है, जबकि हमलावर कांग्रेस पार्टी से संबंधित है। घटना 26 फरवरी की है, जब अनिरुद्ध देठे ने वसंता बावणे के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। उसी रात करीब 9 बजे वसंता बावणे वरोरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके उलट, दूसरे पक्ष की झूठी शिकायत पर वसंता बावणे के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। इस मामले में एड. बावणे ने एसडीपीओ और थाना प्रभारी पर स्वार्थ के तहत काम करने का आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक और जिला दंडाधिकारी के माध्यम से उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडवोकेट अमोल बावणे, वसंता बावणे, प्रमोद हजारे, अशोक पंडिलवार और राजेंद्र मुंगले उपस्थित थे।










