नागपुर. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आज नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र और देश के विकास के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला।
महाराष्ट्र: आर्थिक और सामाजिक विकास का केंद्र
किरण रिजिजू ने महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और राज्य सरकार की सराहना की, और इसे देश की जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बताया। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के लोग खुशकिस्मत हैं कि उन्हें इतनी अच्छी सरकार मिली है।” मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व की सराहना करते हुए, उन्होंने समृद्धि महामार्ग को राज्य के विकास का प्रतीक बताया। इसके अलावा, रिजिजू ने महायुति सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र की लाडली बहना योजना को एक सामाजिक उत्थान लाभकारी योजना बताया।
नागपुर: देश के सबसे समृद्ध शहरों में से एक
किरण रिजिजू ने नागपुर को तेजी से विकास करने वाले शहरों में से एक बताया और कहा कि यह शहर अब देश के सबसे समृद्ध शहरों में शुमार हो गया है। उन्होंने विकास के इस क्रम में देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी के योगदान को अहम बताया।
कांग्रेस पर तीखा हमला
रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समय-समय पर संविधान का अपमान किया है। उन्होंने 1946 में संविधान सभा में नेहरू द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर के पत्र का जवाब आज तक नहीं दिया। रिजिजू ने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत रत्न क्यों नहीं दिया, जबकि बीजेपी के शासन में उन्हें यह सम्मान मिला। इसके अलावा, उन्होंने इंदिरा गांधी के 1976 के संविधान संशोधन पर भी कड़ी आलोचना की, जिसे उन्होंने संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास बताया।
बौद्ध समाज और अनुसूचित जाति-जनजाति की राजनीति
रिजिजू ने खुद को बौद्ध समाज का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति और जनजाति को हमेशा गुमराह किया है। उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के आर्थिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस ने कभी किसी महत्वपूर्ण समिति का सदस्य नहीं बनाया। रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक बौद्ध को कानून मंत्री बनने का अवसर मिला, जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति समाज को कांग्रेस के झूठ का पता चला है।
संविधान दिवस और वक्फ बिल पर बयान
किरण रिजिजू ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक बड़े अभियान की घोषणा की। इसके तहत संसद और पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वक्फ संपत्तियों को लेकर रिजिजू ने कहा, “80% मुसलमान वक्फ बिल का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि वक्फ की जमीन गरीब मुसलमानों के लिए उपयोगी नहीं हो रही थी।”
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक नेते (पूर्व सांसद), राहुल झामरे, धर्मपाल मेश्राम (प्रदेश महामंत्री, अनुसूचित अघाड़ी), और चंदन गोस्वामी (मीडिया प्रमुख, विदर्भ) भी उपस्थित थे।










