रामटेक/नागपुर. प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह के ‘छैया छैया’ गीत पर रामटेकवासियों ने शानदार अंदाज में डांस किया। उनके ‘ताल’ फिल्म के गाने ‘रमता जोगी’ और राजस्थानी शैली के गीत ‘बनठन चली देखो’ ने युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
रामटेक और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में आए दर्शकों की मौजूदगी ने इस महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। पर्यटन संचालनालय, सांस्कृतिक कार्य विभाग और नागपुर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। शुक्रवार को सुखविंदर सिंह के ‘लाइव इन कॉन्सर्ट’ के साथ इस महोत्सव का शानदार समापन हुआ। कार्यक्रम में राज्य मंत्री अड. आशीष जायसवाल, पूर्व सांसद कृपाल तुमाने और अभिनेता सोनू सूद की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दक्ष खंत और अमन कबीर का सम्मान
‘दुनिया के सबसे युवा आयरन मैन’ का खिताब जीतने वाले दक्ष खंत को इस महोत्सव में अभिनेता सोनू सूद और अड. आशीष जायसवाल के हाथों सम्मानित किया गया। इसके साथ ही लेखक, कवि और नाटककार अमन कबीर को भी मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
रामटेक के उपविभागीय अधिकारी प्रियेश महाजन ने कार्यक्रम का प्रास्ताविक भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन श्यामल देशमुख और अनुजा गाडगे ने किया।
‘जनता के ब्रांड एंबेसडर’ सोनू सूद
अभिनेता सोनू सूद के मंच पर आते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों और जयकारों से उनका स्वागत किया। उन्होंने राज्य मंत्री आशीष जायसवाल के साथ अपनी 36 साल पुरानी दोस्ती की यादें साझा कीं। सोनू ने बताया कि नागपुर के धरमपेठ में कट्टे पर बैठने और रामटेक में बाइक पर घूमने की यादें आज भी ताजा हैं।
कोविड-19 के दौरान जनसामान्य की मदद के लिए सक्रिय रहे सोनू सूद ने कहा, “इस दौरान मुझे लोगों से जो आशीर्वाद मिला, वह मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। फिल्मों में हीरो बनने से ज्यादा खुशी मुझे जनता का ब्रांड एंबेसडर बनने में मिली।” सोनू ने यह भी आश्वासन दिया कि वे रामटेकवासियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
रामटेक महोत्सव के लिए स्थायी बजट: अड. आशीष जायसवाल
कार्यक्रम में राज्य मंत्री अड. आशीष जायसवाल ने रामटेक महोत्सव को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा, “रामटेक में पहले से कालिदास महोत्सव आयोजित होता रहा है। पिछले साल शुरू हुए इस महोत्सव को जनता ने सराहा है। इसे देखते हुए अब इस महोत्सव के लिए बजट में स्थायी प्रावधान किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि हर साल 22 जनवरी को रामटेक में यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा और यह रामटेक की विशिष्ट पहचान बनेगा।











