नागपुर में हुई हिंसा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दंगाइयों द्वारा की गई पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाओं में घायल हुए एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक का नाम इरफान अंसारी बताया जा रहा है। वह पिछले कुछ दिनों से नागपुर के मेयो अस्पताल (Mayo Hospital) में भर्ती थे, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हुई हिंसा में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे और आखिरकार इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इरफान अंसारी नागपुर हिंसा के पहले शिकार बने हैं। गौरतलब है कि बीते सोमवार (17 मार्च) को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद शहर में हिंसा भड़क उठी थी। दो गुटों के बीच झड़प के बाद नागपुर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी देखने को मिली। इस दौरान दंगाइयों द्वारा किए गए पथराव और हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत कई नागरिक घायल हुए। अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 60 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 20 दोपहिया वाहन, 40 चारपहिया वाहन और 2 क्रेन शामिल हैं। खासकर, फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के लिए लाई गई क्रेन को जला दिया गया, जिससे लगभग 70 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। इसके अलावा, 5 लोग घायल हुए हैं और एक घर को भी नुकसान पहुंचा है। नागपुर में फैली हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, पुलिस आयुक्त रविंद्रकुमार सिंगल, जिलाधिकारी विपिन इटनकर और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। जब उनसे इरफान अंसारी की मौत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “इरफान अंसारी की मौत को लेकर आधिकारिक घोषणा डॉक्टर करेंगे। उसके बाद ही हम अपनी प्रतिक्रिया देंगे।” नागपुर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है।










