चंद्रपुर. बल्लारपुर नगर परिषद द्वारा 29 फरवरी 2024 को कर्मचारियों के बीमा के लिए निविदा प्रक्रिया जारी की गई थी, लेकिन इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के चलते निविदाधारकों द्वारा प्रस्तुत दरों के तुलनात्मक आंकड़ों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जनहित कक्ष के जिला अध्यक्ष रमेश काळबांधे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निविदा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से ऊंची कीमतों को मंजूरी देकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। काळबांधे ने आगे कहा कि जब नगरपालिका के कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी के सामने इस मामले पर आपत्ति जताई, तो मुख्याधिकारी ने कर्मचारियों के वेतन से ‘कर्मचारी बीमा’ भत्ता न काटने का आदेश दिया। हालांकि, इस मामले की सीधी जांच किए बिना कर्मचारियों की मांगों को दबाने का प्रयास किया गया। पालिका के इस भ्रष्ट प्रबंधन के कारण सरकारी निधि का दुरुपयोग हुआ है। दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण मुंबई के आयुक्त और संचालक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में नगर परिषद को प्राप्त दरपत्रकों और तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा करने पर उनमें हेराफेरी के संकेत मिले हैं। इस गड़बड़ी के चलते काळबांधे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलत प्रस्ताव पेश करने का आरोप लगाया है। मनसे जनहित कक्ष ने मांग की है कि बल्लारपुर नगरपालिका इस कर्मचारी बीमा प्रस्ताव को तत्काल रद्द करे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। यदि ऐसा नहीं किया गया तो मनसे ने इस मुद्दे पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।










