Desk News. भारतीय रेलवे ने अपने यात्री सेवाओं में डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और लेन-देन प्रक्रिया सरल व सुरक्षित होगी। खानपान, पार्किंग, पार्सल, प्लेटफॉर्म टिकट, अतिरिक्त सामान शुल्क, और यात्री आरक्षण प्रणाली जैसी सेवाओं में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह न केवल समय की बचत करता है, बल्कि नकदी ले जाने की झंझट से भी छुटकारा दिलाता है। रेलवे ने डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर डिस्प्ले डिवाइस, यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा, कियोस्क और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी यात्री डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। डिजिटल भुगतान से लेन-देन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होते हैं, क्योंकि सभी ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रहता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह ने कहा कि नागपुर, दुर्ग, छिंदवाड़ा, सिवनी, गोंदिया, जबलपुर और अन्य रेल खंडों के स्टेशनों पर यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, स्टेशनों पर डिजिटल भुगतान के लिए कियोस्क और हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है। दिलीप सिंह ने यह भी कहा कि रेलवे का उद्देश्य हर लेन-देन को डिजिटल बनाना है, जिससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़े। उन्होंने सभी यात्रियों से अनुरोध किया कि वे नकद भुगतान के बजाय डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और इस डिजिटल भुगतान अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।










