नागपुर. राज्य सरकार को एक रुपये पीक बीमा योजना बंद करने की सिफारिश की गई है। इस योजना में 350 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार होने की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का यह बीड पैटर्न बन गया है, और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए, खासकर जब धनंजय मुंडे कृषि मंत्री थे। महायुति सरकार ने एक रुपये में पीक बीमा योजना शुरू की थी, जिसे लेकर कई सवाल उठे थे। कृषि आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी, जिसने राज्य सरकार को इस योजना को बंद करने की सिफारिश की है। खासकर जब यह सामने आया कि कई किसान के नाम पर फर्जी आवेदन किए गए थे। खरीफ 2024 के सीजन में चार लाख फर्जी आवेदन पाए गए, जिनमें से एक लाख से अधिक सिर्फ बीड जिले में थे। यह एक चौंकाने वाली बात है। इस कारण कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे भ्रष्टाचार का बीड पैटर्न करार दिया है। कृषिमंत्री रहते हुए धनंजय मुंडे ने कृषि सामग्री की खरीद नीति में बदलाव किया था, जिस पर उच्च न्यायालय ने सवाल उठाए हैं। इसके अलावा बारामती में गन्ना तोड़ाई के हार्वेस्ट चालकों से सब्सिडी के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप वाल्मीक कराड पर भी लगा है, जो मुंडे के करीबी हैं। वडेट्टीवार ने यह सवाल उठाया है कि अगर सत्ता में बैठे लोग किसानों का शोषण कर रहे हैं, तो वे न्याय के लिए कहां जाएं? इस कारण उन्होंने मांग की है कि धनंजय मुंडे के द्वारा लिए गए सभी निर्णयों की जांच होनी चाहिए और मुख्यमंत्री को इस मामले में समिति का गठन करना चाहिए। वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि फर्जी आवेदन के मामले में अब किसानों को सजा नहीं मिलनी चाहिए। मंत्रियों के निर्देश के बिना इस योजना में भ्रष्टाचार संभव नहीं था, इसलिए जो लोग इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।










