नागपुर. क्रांतिवीर समशेरसिंग पारधी की शिक्षण जागर यात्रा के पहले चरण में नागपुर जिले के 42 पारधी बस्तियों में जागरूकता फैलाने के बाद एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। यात्रा के दौरान यह सामने आया कि हिंगणा तालुका के शेषनगर गांव के विद्यार्थियों को जात प्रमाणपत्र के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ रही थी। पिछले दो वर्षों से शेषनगर गांव के 200 विद्यार्थियों के जात प्रमाणपत्र के मामले तहसील कार्यालय में लटके हुए थे। एबीपी माझा की खबर के बाद पूरा राजस्व विभाग हरकत में आया और कुछ ही घंटों में शेषनगर के 87 विद्यार्थियों को तात्कालिक रूप से उपविभागीय अधिकारी की स्वीकृति से जात प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। 20 जनवरी को शेषनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में तलाठी और कोतवाल ने घर-घर जाकर विद्यार्थियों के माता-पिता को जात प्रमाणपत्र सौंपे। इस अवसर पर आदिवासी पारधी विकास परिषद के विदर्भ अध्यक्ष बबन गोरामन, नागपुर जिल्हा अध्यक्ष अनिल पवार, आदिवासी युवा विकास परिषद के अध्यक्ष सरपंच अतिश पवार, राहुल राजपूत, निकेश माळी समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।इस कार्यक्रम के बाद, विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी के आंसू थे और उन्होंने एबीपी माझा और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे का आभार व्यक्त किया।











