नागपुर. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संयम और सहनशक्ति की अपूर्व देनगी उन्हें राजनीति से मिली है। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने के बाद कभी-कभी अपशब्दों को भी सहन करना पड़ता है और पिछले पांच वर्षों में कुछ लोगों ने उन्हें कई तरीकों से अपमानित करने का प्रयास किया। इस दौरान उनके परिवार को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह सहनशक्ति और संयम, जिन्हें उन्होंने एक तरह से स्थिति को समझने की क्षमता के रूप में देखा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखा। मुख्यमंत्री फडणवीस यह बातें जिव्हाळा बहुउद्देशीय विकास संस्थे द्वारा आयोजित जिव्हाळा पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। यह साक्षात्कार वरिष्ठ संपादक और वक्ता विवेक घलसासी ने लिया। धरमपेठ महिला कोऑपरेटिव सोसायटी में आयोजित इस समारोह में संस्थे की अध्यक्ष निलिमा बावणे, अविनाश संघवई, नागेश पाटिल, श्रीधरराव गाडगे समेत कई मान्यवर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी आंदोलन के दौरान उन्हें राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं थी। एक स्वयंसेवक के रूप में समाज को योगदान देने का उन्होंने निश्चय किया था। स्वर्गीय विलासजी फडणवीस ने उन्हें राजनीति में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में सहनशक्ति का परीक्षण होता है और समाज में जो कुछ भी अच्छा दिखता है, उससे उन्होंने सीखने की कोशिश की। सामाजिक दायित्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कई प्रकल्पों पर काम किया। स्वर्गीय विलासजी फडणवीस की उद्यमशीलता से प्रेरित होकर उन्होंने उनके कार्यों को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें मध्यकाल में मुख्यमंत्री पद का अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने यह पद समाज की सेवा के रूप में लिया। उनके अनुसार, किसी भी पद का उद्देश्य सिर्फ खुद की खुशी के लिए नहीं, बल्कि उस पद पर बैठे लोगों के जीवन को सुधारने का होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति को नया दिशा देने का वचन लिया और कहा कि आम लोगों का राजनीति के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक और आश्वासक बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव ने साबित कर दिया है कि समाज अब झूठे आरोपों और नकारात्मक वातावरण को मान्यता नहीं देता है। राजनीति में कोई स्थायी शत्रु नहीं होते, यह बताते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हंसी मजाक भी हुआ। अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका परिवार धैर्य और सहनशक्ति के साथ हर परिस्थिति का सामना करता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी बेहद समझदार है और राजनीति से परे वह जीवन को समझने की कोशिश करती है। इस अवसर पर स्वर्गीय विलासजी फडणवीस की जयंती पर जिव्हाळा बहुउद्देशीय विकास संस्थे द्वारा जिव्हाळा पुरस्कार वितरित किए गए। अकोला स्थित गायत्री बालिका आश्रम और नागपुर के संवेदना परिवार को एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।










