नागपुर. जिले के 42 पारधी बस्तियों में आदिवासी पारधी समाज के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और सभी सुविधाओं से सुसज्जित स्कूलों में ज्ञान अर्जित करने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग द्वारा “क्रांतिवीर समशेर सिंह पारधी शिक्षा जागरूकता यात्रा” का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के माता-पिता को शिक्षा का महत्व समझाना और बाल विवाह, प्रवास, और अन्य सामाजिक कारणों से बच्चों की शिक्षा में आने वाले व्यवधान को रोकना है। यह यात्रा अपर आयुक्त रविंद्र ठाकरे के मार्गदर्शन में, उपायुक्त दिगंबर चव्हाण और एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी नितिन इसोकर के सहयोग से संचालित की गई। इस पहल में पारधी समाज के वरिष्ठ समाजसेवक बबन गोरामन, पत्रकार अनिल पवार, IIT खड़गपुर के छात्र सुशांत राजपूत, मुख्याध्यापक प्रशांत गोरामन, इंजीनियर राहुल राजपूत, सामाजिक कार्यकर्ता निकेश माली समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। 27 से 30 दिसंबर 2024 तक उमरेड तहसील के वडद लक्ष्मीनगर पारधी बस्ती में इस यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान अपर आयुक्त रविंद्र ठाकरे, उपायुक्त दिगंबर चव्हाण, और नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह यात्रा कळमेश्वर, सावनेर, काटोल, नरखेड, हिंगना, बुटीबोरी, और भिवापुर जैसे क्षेत्रों से होते हुए उमरेड में संपन्न हुई। कार्यक्रम के समापन पर अपर आयुक्त रविंद्र ठाकरे ने घोषणा की कि इस जागरूकता यात्रा का दूसरा चरण अप्रैल और मई 2025 में विदर्भ के अन्य हिस्सों में आयोजित किया जाएगा। पारधी समाज के स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का प्रयास। माता-पिता में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बाधाओं से बच्चों की शिक्षा में रुकावट रोकने का प्रयास। इस अभियान की एक झलक दिखाने वाली वीडियो रिपोर्ट अवश्य देखें और इस नेक पहल को समर्थन दें। शिक्षा का जागरूकता अभियान: समाज के समग्र विकास का ध्येय।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










