Nagpur. तरुण प्रकाश ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के पद का कार्यभार संभाला। इससे पहले वे रेलवे बोर्ड में प्रधान कार्यकारी निदेशक (सिग्नल एवं दूरसंचार)/विकास के रूप में कार्यरत थे। तरुण प्रकाश भारतीय रेल सिग्नल इंजीनियरिंग सेवा (IRSSE) के 1988 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बी.टेक. और आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में एम.टेक. की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिकोन्नी मेलॉन और आईएसबी हैदराबाद से प्रबंधन क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मलेशिया और सिंगापुर के प्रतिष्ठित संस्थानों से भी उन्होंने अध्ययन और प्रशिक्षण लिया है। तरुण प्रकाश पहले भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर के पद पर कार्य कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे को तकनीकी और संरचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण लाभ हुआ। उन्होंने अपनी सेवा की शुरुआत उत्तर रेलवे में सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर के रूप में की थी। इसके बाद वे उत्तर रेलवे में मुख्य संचार इंजीनियर, मुरादाबाद मंडल में मंडल रेल प्रबंधक और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे वर्तमान में प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास और “अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत उन्नयन कार्यों को गति दे रहा है। इसके अलावा, रेलवे आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइनों का निर्माण, और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग के कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। महाप्रबंधक के रूप में तरुण प्रकाश के नेतृत्व में इन कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है। उनका अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता रेलवे की संरचना और यात्री सुविधाओं को उन्नत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।










