नागपुर. केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय के तहत नागपुर के सिविल लाइन स्थित दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा हर साल आयोजित होने वाला ‘ऑरेंज सिटी क्राफ्ट मेला और लोकनृत्य सोहळा’ इस वर्ष 10 से 19 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। यह मेले का 31वां वर्ष है, जिसकी जानकारी आज एक पत्रकार सम्मेलन में केंद्र की निदेशक आस्था कार्लेकर ने दी। दस दिवसीय इस मेले में विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शन और पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों की दालने भी होंगी। उद्घाटन 10 जनवरी शुक्रवार को शाम 6:30 बजे होगा, और नागरिकों के लिए मेले में प्रवेश 2 बजे से 9:30 बजे तक निःशुल्क रहेगा। मेले में 150 से अधिक हस्तकला कलाकारों और 200 से अधिक लोक और आदिवासी कलाकारों का सहभागिता होगा। 10 से 13 जनवरी तक विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोकनृत्य जैसे त्रिपुरा का होजागिरी, उत्तर प्रदेश का मयूर, राजस्थान का कालबेलिया, पंजाब का भांगड़ा, पुडुचेरी का मस्करत और ओरिसा का गोटीपुआ सादर किए जाएंगे। 14 जनवरी को सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के तहत ‘महाराष्ट्राची लोकधारा’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद 15 जनवरी को दिव्यांग बच्चों द्वारा भारतीय लोक और आदिवासी नृत्य शैली पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। 16 से 19 जनवरी तक गुजरात का सिद्धी धमाल, हरियाणा का घूमर/फाग, जम्मू कश्मीर का रौफ, नागालैंड का अफिलो कुवो और सिक्कीम का सिंघी छम/स्नो लायन नृत्य सादर किए जाएंगे। इसके साथ ही मेले में विभिन्न राज्यों के हस्तकला स्टॉल्स होंगे, जिनमें हँड ब्लॉक प्रिंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, जामदानी साड़ी, कश्मीरी कला, फर्निचर, कार्पेट, हस्तकला वस्तुएं और भारतीय पारंपरिक खाद्य पदार्थों के स्टॉल्स भी होंगे। कार्यक्रम के लिए प्रवेश शुल्क 30 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। आयोजकों ने सभी कलाप्रेमियों और नागरिकों से इस सांस्कृतिक मेले में भाग लेने की अपील की है। सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यह मेले का आयोजन होगा।










