नागपुर. बुर्शी रोग के कारण काटोल और नरखेड तालुकों में संत्रा और मोसंबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इन दोनों तालुकों के लिए 48 करोड़ 31 लाख रुपये मंजूर किए गए थे और इसका सरकारी आदेश भी जारी हुआ था। लेकिन अभी तक यह राशि किसानों के खातों में जमा नहीं की गई है। साथ ही, अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान को देखते हुए 9 करोड़ 58 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद की मांग की गई थी, जिसे भी अब तक मंजूरी नहीं मिली है। पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इन दोनों राहत राशियों को जल्द से जल्द किसानों के खातों में जमा करने की मांग की है। भारी नुकसान के बावजूद मदद नहीं मिली लगभग सात महीने पहले हुई अतिवृष्टि के कारण काटोल और नरखेड तालुकों में संत्रा और मोसंबी की फसलों पर बुर्शी रोग फैल गया था, जिससे बड़े पैमाने पर फलों की गिरावट हुई थी। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता सलील देशमुख ने संत्रा उत्पादक किसानों के साथ नागपुर में बड़ा आंदोलन किया था। इसके बाद सरकार ने सर्वेक्षण करवाकर रिपोर्ट तैयार की और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया गया। इसके बाद चुनाव से पहले काटोल तालुका के लिए 19 करोड़ 43 लाख रुपये और नरखेड तालुका के लिए 28 करोड़ 88 लाख रुपये, कुल मिलाकर 48 करोड़ 31 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। इस संबंध में सरकारी आदेश भी जारी हुआ था, और राजस्व विभाग ने दोनों तालुकों के किसानों की सूची भी तैयार कर ली थी। लेकिन अब तक यह राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंची है। अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए भी मदद लंबित अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान को देखते हुए काटोल तालुका के लिए 4 करोड़ 78 लाख रुपये और नरखेड तालुका के लिए 4 करोड़ 80 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग की गई थी। लेकिन इस राशि को भी अब तक मंजूरी नहीं दी गई है। पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि संत्रा और मोसंबी उत्पादक किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जाए और उनकी सहायता राशि सीधे उनके खातों में जमा की जाए।










