नागपुर. भारत और थाईलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से Thai Trade Center, Mumbai के पदाधिकारियों ने नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स (NVCC) का दौरा किया। इस बैठक का आयोजन चेंबर के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में किया गया, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसरों और निवेश को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर Thai Trade Center, Mumbai की ओर से Mr. Donnawit Poolsawat (Consulate-General, Royal Thai Consulate), Ms. Sunchawee Pattanachak (Executive Director & Consul, Commercial), Ms. Thitiporn Chuchinnawat (Deputy Consul-General) और Mr. Girish Achrekar (Administrative Officer) उपस्थित रहे। नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से इस बैठक की अध्यक्षता चेंबर के उपाध्यक्ष फारूकभाई अकबानी ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर, सचिव सचिन पुनियानी, सहसचिव शब्बार शाकिर और PRO सीए हेमंत सारडा भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान चेंबर के सचिव सचिन पुनियानी ने थाय ट्रेड सेंटर के पदाधिकारियों को चेंबर की गतिविधियों से अवगत कराया और उनका शॉल व दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही चेंबर के 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली स्मरणिका ‘अमृत पुष्प’ भी उन्हें भेंट की गई। चेंबर के उपाध्यक्ष फारूकभाई अकबानी ने इस अवसर पर कहा कि नागपुर टिम्बर (लकड़ी) व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जहां थाईलैंड की कंपनियां निवेश कर व्यापार को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2005-06 में नागपुर से थाईलैंड के लिए सीधी उड़ान संचालित होती थी, जो अब बंद हो चुकी है। नागपुर से थाईलैंड जाने के लिए व्यापारियों को मुंबई होकर जाना पड़ता है, इसलिए नागपुर-थाईलैंड सीधी फ्लाइट शुरू करने की आवश्यकता है। इस पर Mr. Donnawit Poolsawat ने सहमति जताते हुए कहा कि वे इस विषय को थाईलैंड सरकार के समक्ष उठाएंगे। चेंबर के उपाध्यक्ष श्री स्वप्निल अहिरकर ने बताया कि गड़चिरोली क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है और कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि थाईलैंड की कंपनियां भी आयरन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों में निवेश कर व्यापार को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, नागपुर में स्थित दीक्षाभूमि बौद्ध धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जिससे थाईलैंड और नागपुर के बीच सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत हैं। यदि नागपुर-थाईलैंड के बीच सीधी फ्लाइट शुरू होती है, तो टूरिज्म और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। चेंबर के सहसचिव शब्बार शाकिर ने बताया कि नागपुर क्षेत्र में कपास (कॉटन) का बड़ा व्यापार होता है और टेक्सटाइल उद्योग में भी व्यापारिक संभावनाएं हैं। वहीं, PRO सीए हेमंत सारडा ने कहा कि नागपुर में कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पताल हैं, जिससे मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इस बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की और भविष्य में नागपुर और थाईलैंड के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग की संभावना जताई। नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस पहल को विदर्भ क्षेत्र के व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।










