Desk news. दावोस में 61 कंपनियों के साथ हुए करार से 15.70 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 15.95 लाख रोजगार सृजित होने का दावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया है। अगर राज्य में बड़ा निवेश आता है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन किए गए करारों और वास्तविकता को जानने का अधिकार जनता को है। इससे पहले भी ऐसे बड़े-बड़े करार किए गए हैं। इसलिए, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस सरकार को दावोस में अब तक महाराष्ट्र में लाई गई निवेश और उससे उत्पन्न रोजगार पर श्वेतपत्रिका जारी करनी चाहिए, ऐसा आह्वान महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने किया। टिलक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटोले ने कहा कि दावोस में फडणवीस ने जिन 61 कंपनियों से करार किया, उनमें से 51 कंपनियां भारत की हैं। इनमें से 43 कंपनियां मुंबई-पुणे की हैं और कुछ कंपनियों के कार्यालय मंत्रालय के नजदीक ही हैं। केवल 10 कंपनियां विदेशी हैं।
सिडको और बुक माय शो के बीच दावोस में 1500 करोड़ रुपये का करार हुआ। कोल्डप्ले के टिकटों की कालाबाजारी मामले में बुक माय शो की मुंबई पुलिस द्वारा जांच चल रही है। वहीं, पवई के जय भीम नगर में तोड़फोड़ के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में हिरानंदानी कंपनी की जांच चल रही है। इस कंपनी पर कर्मचारी भविष्य निधि में गड़बड़ी के आरोपों के चलते सीबीआई जांच भी जारी है। ऐसे में, आपराधिक पृष्ठभूमि वाली कंपनियों से करार कर सरकार क्या उन्हें कालाबाजारी और गड़बड़ी की छूट दे रही है? मुख्यमंत्री ने दावोस में शराब बनाने वाली हेनेकेन कंपनी के साथ 750 करोड़ रुपये का और एबी इन बेव नामक एक अन्य बीयर उत्पादक कंपनी के साथ 1500 करोड़ रुपये का करार किया। भारतीय संविधान के नीति निर्देशक तत्वों (डीपीएसपी) के अनुच्छेद 47 के तहत राज्य को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मादक पदार्थों के सेवन को रोकने के प्रयास करने चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार शराब कंपनियों से करार कर महाराष्ट्र को ‘दारुराष्ट्र’ बनाना चाहती है, ऐसा आरोप पटोले ने लगाया। जालना की धनश्री मंधानी की प्राइम कंपनी के साथ ड्रोन उत्पादन के लिए करार किया गया है। दावा किया गया कि यह कंपनी 6000 ड्रोन का निर्माण करेगी। हालांकि, हकीकत में कंपनी की 10,000 स्क्वायर फीट की जिस जमीन पर फैक्ट्री होने का दावा किया गया है, वहां स्टील का उत्पादन होता है। यह कंपनी ड्रोन का निर्माण नहीं करती बल्कि विदेश से मंगवाए गए ड्रोन पार्ट्स की केवल असेंबली करती है। पटोले ने कहा कि दावोस में जब हमारे मुख्यमंत्री थे, तब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुंबई आकर 6000 करोड़ रुपये की महाराष्ट्र की निवेश छत्तीसगढ़ में ले गए। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पुणे आकर वहां के उद्यमियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य में निवेश लाना चाहिए, लेकिन दावोस में निवेश के नाम पर जनता को धोखा नहीं देना चाहिए।
भंडारा कंपनी के विस्फोट की जांच की मांग
भंडारा की ऑर्डनेंस फैक्ट्री में हुए बड़े विस्फोट में 5 कर्मचारियों की मौत बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। इस पर शोक व्यक्त करते हुए नाना पटोले ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रक्षा क्षेत्र की कंपनियां भी सुरक्षित नहीं हैं। इस फैक्ट्री में आरडीएक्स के निर्माण के लिए कच्चा माल तैयार होता है। यह गंभीर घटना है और इसकी जांच सर्वदलीय सांसदों की समिति के माध्यम से होनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे के ऐलान का स्वागत
उद्धव ठाकरे के स्वबल पर चुनाव लड़ने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए पटोले ने कहा कि यह उनका स्वागत योग्य कदम है। शिवसेना प्रमुख के तौर पर उन्हें अपने दल की नीति तय करने का अधिकार है। फिलहाल स्थानीय निकाय चुनाव घोषित नहीं हुए हैं। जब चुनाव घोषित होंगे, तो स्थानीय नेताओं से चर्चा कर कांग्रेस अपना निर्णय लेगी।










