चंद्रपुर. राज्य सरकार की 100 दिवसीय कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत और गांव के स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्रों की सुविधाओं व शैक्षणिक प्रगति का निरीक्षण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने चंद्रपुर तालुका के सिदूर गांव में जिला परिषद उच्च प्राथमिक शाला और आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा किया।इस दौरान उपविभागीय अधिकारी संजय पवार, तहसीलदार विजय पवार, संवर्ग विकास अधिकारी संगीता भांगरे, उपशिक्षणाधिकारी निवास कांबळे, विस्तार अधिकारी (शिक्षा) गीता चौधरी, केंद्र प्रमुख अतुल पोहाणे, निखिल तांबोळी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुनील मासीरकर, सरपंच मंजूषा मत्ते, स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुलोचना माहुरकर समेत कई अधिकारी और ग्रामीण नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर स्कूल के मंत्रीमंडल में मुख्यमंत्री व सांस्कृतिक मंत्री की भूमिका निभा रही छात्राएं उन्नति शेलवटे और संबोधी मोडक ने पुष्पगुच्छ देकर जिलाधिकारी का स्वागत किया। साथ ही, स्काउट गाइड टीम ने सलामी भी दी। जिलाधिकारी गौड़ा ने स्कूल के सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर बच्चों से संवाद किया। कक्षा 1 से 5 के बच्चों के अंग्रेजी और मराठी भाषा में पठन कौशल और मूलभूत गणनाओं की जानकारी ली। बच्चों ने शैक्षणिक सामग्री का अच्छा उपयोग किया और इसे प्रभावी ढंग से संभाला। स्कूल में चल रही विभिन्न गतिविधियों, जैसे डिजिटल क्लासरूम, शालेय बचत बैंक, वर्मी कम्पोस्टिंग (केंचुआ खाद), ज्ञानपुष्प विज्ञान पहेली आदि की जानकारी शिक्षक अविनाश जुमडे ने दी। कक्षा 8 के छात्रों ने जिलाधिकारी से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी मांगी और संवाद किया। जिलाधिकारी ने स्कूल परिसर, विद्यार्थियों की गुणवत्ता और स्कूल की विभिन्न गतिविधियों की सराहना की। साथ ही, स्कूल के खेल मैदान के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद, जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया और छोटे बच्चों से संवाद कर उनकी स्थिति की जानकारी ली।










