नागपुर. “किसी भी संस्था को डूबने में ज्यादा समय नहीं लगता, लेकिन उसे खड़ा करने और लोगों में विश्वास बनाने में कई साल लग जाते हैं। सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं के लिए विश्वास और गुणवत्ता सबसे बड़ी पूंजी है,” यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज (रविवार) कही। मानेवाड़ा स्थित गांधीबाग सहकारी बैंक की नई इमारत का उद्घाटन गडकरी के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर पालक संचालक मोहन पडोले, पूर्व अध्यक्ष लाहोटी, चिटणीसपुरा बैंक के अध्यक्ष रविंद्र दुरुगकर समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गडकरी ने कहा, “63 वर्षों से गांधीबाग सहकारी बैंक लोगों को सेवा दे रही है। मैं स्वयं पिछले 40 वर्षों से इस बैंक की विश्वसनीयता का अनुभव कर रहा हूं। कभी इस बैंक का एनपीए शून्य प्रतिशत था। इस सफलता का श्रेय बैंक के कुशल नेतृत्व को जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ समय तक सहकारी आंदोलन में काम किया है। उस दौरान किसान आंदोलन के नेता शरद जोशी ने मुझे नेतृत्व की विश्वसनीयता का महत्व समझाया था। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।” विदर्भ में सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों और निदेशकों को उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए गडकरी ने कहा, “निर्णय लेने की क्षमता और टीम वर्क का प्रशिक्षण देना जरूरी है। इससे सहकारी क्षेत्र को निश्चित ही लाभ होगा। महाराष्ट्र का सहकारी क्षेत्र की परंपरा समृद्ध है और इसमें देश को दिशा देने की क्षमता है।”










