प्रयागराज. महाकुंभ 2025 के लिए रेलवे ने अभूतपूर्व तैयारियों का शुभारंभ किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और सुविधाओं का उद्घाटन किया। यह कदम करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में उठाया गया है। रेलवे बोर्ड में कुंभ वार रूम की शुरुआत की गई है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। यह वार रूम विभिन्न विभागों जैसे ऑपरेटिंग, कमर्शियल, आरपीएफ, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, और इलेक्ट्रिकल के अधिकारियों से लैस होगा। इसकी सहायता से यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से रेलवे बोर्ड और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। लाइव मॉनिटरिंग: 1,176 सीसीटीवी कैमरों से लाइव फीड की निगरानी प्लेटफॉर्म से लेकर रेलवे बोर्ड स्तर तक की जाएगी। इसकी मदद से भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो। संरचना: मॉनिटरिंग का ढांचा प्लेटफॉर्म → स्टेशन → मंडल → जिला → जोनल → रेलवे बोर्ड तक विस्तारित होगा। इसके द्वारा रेलवे की विभिन्न शाखाओं के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों का समन्वय बेहतर होगा। महाकुंभ के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई विशेष सुविधाएं शुरू की हैं। इसके अंतर्गत प्रमुख घोषणाएं की गई हैं: घोषणा प्रणाली: प्रयागराज, नैनी, छिवकी और सुबेदारगंज स्टेशनों पर 12 भाषाओं में उद्घोषणा प्रणाली लागू की गई। इससे विभिन्न भाषाओं को बोलने वाले यात्रियों को सहायता मिलेगी। विशेष पुस्तिका: यात्रियों को उपयोगी जानकारी देने के लिए 22 भाषाओं में विशेष पुस्तिका जारी की गई है, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से समझ सकें। महाकुंभ के दौरान यात्रियों के लिए रेलवे ने ट्रेनों और इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार की योजना बनाई है। 13,000 ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें 10,000 नियमित ट्रेनें और 3,134 विशेष ट्रेनें शामिल हैं, जो पिछले कुंभ से 4.5 गुना अधिक हैं। मालगाड़ियों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर डायवर्ट किया गया है। बीते तीन वर्षों में रेलवे ने ₹5,000 करोड़ का निवेश किया है। महाकुंभ के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए रेलवे ने कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की है, जिनमें शामिल हैं: 48 नए प्लेटफॉर्म और 21 फुट ओवर ब्रिज (FOBs) का निर्माण। 554 टिकटिंग काउंटर, जिनमें 151 मोबाइल UTS काउंटर शामिल हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए 23 स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक है। 21 नए ROBs/RUBs का निर्माण। की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ₹3,700 करोड़ की लागत से प्रमुख परियोजनाओं को पूरा किया है: बनारस-प्रयागराज डबलिंग (गंगा ब्रिज सहित)। फाफामऊ-जंघई डबलिंग। महाकुंभ 2025 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। मौनी अमावस्या के दिन 5 करोड़ श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। इन श्रद्धालुओं के प्रवाह को संभालने के लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। लाइव मॉनिटरिंग: 1,176 सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन। रंग-कोडेड टिकट और बारकोडेड UTS प्रणाली: यात्रियों की सुविधा के लिए लागू की गई।










