नई दिल्ली. मुंबई महानगर क्षेत्र में भविष्य में रोपवे के जरिए ‘केबल कार’ प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जल्द ही इस प्रोजेक्ट का सर्वेक्षण कर विकास योजना (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए नितिन गडकरी ने परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर को निर्देश दिए हैं। यह जानकारी महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी। नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक के दौरान महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नितिन गडकरी से विशेष मुलाकात की और मुंबई महानगर क्षेत्र में ‘केबल कार’ प्रोजेक्ट को ‘पर्वतमाला परियोजना’ के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) या केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय साझेदारी के जरिए विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
गडकरी ने दिया विस्तृत ट्रांसपोर्ट प्लान तैयार करने का सुझाव
इस दौरान नितिन गडकरी ने मुंबई की यातायात व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि ऐसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे एयरपोर्ट से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों तक कम से कम समय में पहुंचा जा सके। उन्होंने इस पर व्यापक सर्वेक्षण करने का सुझाव दिया। इस पर सरनाईक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक एकीकृत परिवहन योजना तैयार की जाएगी, जिससे उपनगरीय क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक पहुंचने में कम समय लगेगा।
मुंबई महानगर क्षेत्र के विकास के लिए अहम प्रोजेक्ट
मुंबई महानगर क्षेत्र, जो पालघर से रायगढ़ जिले के उरण-पेन तक फैला है, में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए ‘केबल कार’ जैसी हवाई सेवा का विकास महत्वपूर्ण हो गया है। सड़क, रेल और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर बढ़ते दबाव और बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद जरूरी है। इस प्रोजेक्ट की महत्ता को ध्यान में रखते हुए नितिन गडकरी को इस पर सैद्धांतिक मंजूरी देने के लिए मनाया गया। इसके साथ ही प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर तैयार कर जल्द से जल्द इस पर काम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सरनाईक ने कहा कि आधुनिक तकनीक और विदेशी देशों में सफलतापूर्वक लागू की गई योजनाओं का अध्ययन कर मुंबई में बढ़ती ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए ‘केबल कार’ प्रोजेक्ट जैसे अभिनव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रोजेक्ट मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में से एक होगा।










