मुंबई. महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी (मविआ) में सीटों के बंटवारे पर विवाद समाप्त हो गया है। कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्नीथला ने स्पष्ट किया कि मविआ में किसी भी सीट पर मित्रपक्षों के बीच कोई “मैत्रीपूर्ण लड़ाई” नहीं होगी। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महायुती में सीटों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के चुनाव क्षेत्रों में भी भाजपा ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे आंतरिक टकराव के संकेत मिल रहे हैं। चेन्नीथला ने आरोप लगाया कि भाजपा इन सहयोगी दलों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा महायुती सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र की प्रगति के बजाय भ्रष्टाचार और असंतोष बढ़ा है। महिला अत्याचार में वृद्धि, किसानों की आत्महत्या, उद्योगों का महाराष्ट्र से बाहर पलायन, और शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अनियमितताओं ने राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबई में जीवन असुरक्षित हो गया है। शहर में सड़क दुर्घटनाएं और महिला अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, जबकि सरकार विकास के झूठे दावे कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी 6 नवंबर को महाराष्ट्र में “संविधान सम्मान सम्मेलन” में शामिल होंगे और विपक्षी गठबंधन की ओर से “कांग्रेस की गारंटी” का ऐलान करेंगे, जिसमें शरद पवार और उद्धव ठाकरे भी मौजूद रहेंगे।










