Desk News.चंद्रशेखर बावनकुले ने ट्विटर पर कहा की राज्य में महाविकास आघाड़ी (मविआ) के नेताओं पर संविधान के प्रति अनादर दिखाने का आरोप लगा है। परमपूज्य डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा रचित संविधान का उल्लेख केवल चुनावों तक सीमित रखने का आरोप मविआ नेताओं पर लगाया जा रहा है। विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को संविधान की शपथ लेकर पदभार ग्रहण करना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है। लेकिन मविआ के सदस्यों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया। इसे संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अपमान के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह संविधान के मूल्यों के खिलाफ है और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है।










