नागपुर. बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध, जैन और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों, उनकी हत्या और उत्पीड़न के विरोध में सकल हिंदू समाज के द्वारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत एक सुकाणू समिति का गठन किया गया है। इस आंदोलन के तहत 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर नागपुर में छह अलग-अलग स्थानों से बाइक रैली आयोजित की जाएगी, साथ ही एक भव्य मोर्चा भी निकाला जाएगा। इस आंदोलन की तैयारी के लिए 4 दिसंबर को एम्प्रेस मॉल स्थित इस्कॉन मंदिर में सकल हिंदू समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय समिति के महंत भगीरथ महाराज ने की। इस दौरान रामचरण महाराज दुबे, राजे मुधो जी भोसले, कल्याणेश्वर मंदिर के गुणवंत पाटील, सिंधी परिषद के घनश्यामदास कुकरेजा, मारवाड़ी समाज के अशोक अग्रवाल (गोयल), इस्कॉन नागपुर के तन्मयदास प्रभू, डॉ. श्यामसुंदर शर्मा, अखिल भारतीय वाल्मिकी महासभा के अध्यक्ष रवी करोसिया सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे। डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस्कॉन और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं ने 1971 के बांग्लादेश के युद्ध के दौरान लाखों नागरिकों को भोजन दिया, लेकिन अब इन्हीं संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बांग्लादेश में आतंकित किया जा रहा है। महंत भगीरथ महाराज ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी हिंदूओं से जाति, पंथ और भाषा के भेद को भूलकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने ‘बटेंगे तो कंटेंगे’ का मंत्र दोहराया और आंदोलन में अधिक से अधिक लोगों के शामिल होने का आह्वान किया।
नागपुर में बाइक रैली का आयोजन
बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के विरोध में 10 दिसंबर को नागपुर में छह बाइक रैली और एक भव्य मोर्चे का आयोजन किया जाएगा। यह रैली दोपहर 2 बजे से नागपुर के विभिन्न स्थानों से निकलेगी। मध्य नागपुर में बडकस चौक, पूर्व नागपुर में सतरंजीपुरा चौक, उत्तर नागपुर में कमाल टॉकिज चौक, पश्चिम नागपुर में छावणी चौक, दक्षिण पश्चिम नागपुर में अजनी चौक और दक्षिण नागपुर में सक्करदरा चौक से बाइक रैली निकलेगी। ये रैलियां बाद में टेकडी गणेश मंदिर, मानस चौक, संविधान चौक और यशवंत स्टेडियम पर एकत्र होंगी, और फिर सभी लोग व्हेरायटी चौक की ओर पैदल मार्च करेंगे। बैठक में सकल हिंदू समाज के अनेक लोग उपस्थित थे और सभी ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की शपथ ली।










