राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली सहकारी बैंकिंग की त्रिस्तरीय संरचना में जिला बैंकों का विशेष महत्व है। इन बैंकों के अंतर्गत कार्यरत संस्थाओं के माध्यम से किसानों के जीवन स्तर को सुधारना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दृष्टि से नागपुर जिले की नागपुर जिला सहकारी बैंक की सभी शाखाओं का त्वरित मूल्यांकन आवश्यक है। नागपुर जिला सहकारी बैंक को 31 मार्च 2024 तक कुल 290 करोड़ रुपये का संचयी घाटा हो चुका है। इस बैंक को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए व्यक्तिगत प्रशासक की बजाय महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक जैसी सक्षम शीर्ष संस्था को संस्थागत प्रशासक के रूप में नियुक्त करना उचित रहेगा। इससे राज्य सहकारी बैंक अपने क्षेत्रीय संसाधनों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और सफल योजनाओं का प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस से निवेदन है कि नागपुर जिला सहकारी बैंक पर व्यक्तिगत प्रशासक के बजाय राज्य सहकारी बैंक को संस्थागत प्रशासक नियुक्त करने पर विचार करें,” ऐसा निवेदन सावनेर-कलमेश्वर क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. आशिषराव देशमुख ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में किया है।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










