नागपुर/कोल्हापुर. इतिहासकार इंद्रजीत सावंत को फोन पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में राज्यभर में आक्रोश फैल गया है। मराठा समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी इस घटना की निंदा की है। नागपुर में इस संबंध में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजे मुधोजी भोसले के नेतृत्व में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि गुरुवार सुबह पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर प्रशांत कोरटकर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। अगर प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो समाज की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशांत कोरटकर पर आरोप है कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। इसके बाद मराठा समाज और अन्य संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिक कृती समिति और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कोरटकर पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे। इतिहासकार इंद्रजीत सावंत ने बताया कि वे ‘छावा’ फिल्म के लिए ऐतिहासिक जानकारी देने का कार्य कर रहे थे, जिससे छत्रपति संभाजी महाराज का वास्तविक इतिहास जनता के सामने आ सके। इसी वजह से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि, प्रशांत कोरटकर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी। उनका दावा है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उनकी आवाज का दुरुपयोग किया गया है। कोरटकर ने खुद भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। इस विवाद को देखते हुए नागपुर पुलिस ने कोरटकर के निवास स्थान पर सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, कोल्हापुर पुलिस भी नागपुर पहुंच चुकी है और जल्द ही गिरफ्तारी होने की संभावना जताई जा रही है। मराठा और मराठेतर समाज के लोगों ने एक सुर में मांग की है कि प्रशांत कोरटकर को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरे महाराष्ट्र में उग्र आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










