एक बार की बात है, छोटा सा लड़का रोहित अपने गाँव में रहता था। उसे रंग-बिरंगे गुब्बारे बहुत पसंद थे। हर रविवार को गाँव में मेला लगता, और वहाँ एक गुब्बारे वाला आता था। रोहित घंटों उसकी टोकरी में रखे गुब्बारों को देखता, लेकिन उसके पास पैसे नहीं होते थे। एक दिन रोहित ने ठान लिया कि वह खुद मेहनत करके गुब्बारा खरीदेगा। वह सुबह जल्दी उठकर अपने बगीचे से फूल तोड़ता, माला बनाता और पास के मंदिर में बेचता। धीरे-धीरे उसने पैसे जमा कर लिए। जब अगला मेला आया, तो रोहित ने जाकर अपनी मेहनत की कमाई से एक बड़ा सा नीला गुब्बारा खरीदा। वह बहुत खुश हुआ। गुब्बारे वाले अंकल ने मुस्कुरा कर कहा, “तुम्हारा सपना मेहनत से पूरा हुआ बेटा, अब उड़ो अपने सपनों की तरह!”
उस दिन रोहित ने सीखा — अगर दिल से चाहो और मेहनत करो, तो हर सपना सच हो सकता है।
सीख: मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।












