Desk News. विभिन्न बीमारियों के कारण बन रहे डासों को एलईडी के पीले प्रकाश से दूर भगाने में एक महत्वपूर्ण और समाज उपयोगी शोध राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के एमएससी नैनोसायंस के विद्यार्थियों ने किया है। भौतिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय ढोबले के मार्गदर्शन में यह शोध हुआ है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट प्राप्त हुआ है। भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संजय जानराव ढोबले ने एमएससी नैनोसायंस और नैनो टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हुए यह शोध किया है कि डासों को एलईडी के पीले प्रकाश से दूर किया जा सकता है। इस शोध में नैनोसायंस और टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों मुकेश तुरकाने, सिद्धेश्वर नागपुरे, प्रणाली झाड़े और शोधकर्ता डॉ. अभिजीत कदम ने भी योगदान दिया। शोध में यह पाया गया कि डास, एलईडी के पीले रंग से दूर रहते हैं, जबकि लाल और नीले रंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। यह शोध विशेष रूप से समाज के लिए उपयोगी है, क्योंकि डासों के कारण मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियाँ फैलती हैं। डॉ. ढोबले ने इस शोध के माध्यम से यह सिद्ध किया कि यदि घरों में पीले रंग के विद्युत बल्ब लगाए जाएं या घर के दरवाजों और खिड़कियों को पीले रंग से रंगा जाए, तो डासों की संख्या कम हो सकती है और लोग इन बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। इस उपयोगी और प्रभावशाली शोध के लिए डॉ. ढोबले और उनके विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त हुआ है। डॉ. ढोबले ने विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए बधाई दी और उनसे आगे भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की अपेक्षा की है। इस शोध के लिए विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु डॉ. प्रशांत बोकारे, प्रभारी प्र-कुलगुरु डॉ. राजेंद्र काकडे, कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे और भौतिकी विभाग प्रमुख डॉ. ओमप्रकाश चिमणकर ने भी उनका अभिनंदन किया है।










