उमरेड. महाराष्ट्र के उमरेड तालुका के राजुरवाड़ी पारधी बस्ती में आयोजित विशेष राजस्व शिविर में आदिवासी पारधी विकास परिषद की निरंतर कोशिशों के चलते पारधी समाज के 63 विद्यार्थियों को जाति प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इन प्रमाणपत्रों के माध्यम से अब इन विद्यार्थियों को शिक्षा, नौकरी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।पारधी समाज को जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने में आ रही बाधाओं को ध्यान में रखते हुए आदिवासी पारधी विकास परिषद ने लंबे समय से प्रशासन के साथ लगातार संपर्क और प्रयास जारी रखे। इसी के परिणामस्वरूप उमरेड के उपविभागीय अधिकारी विद्यासागर चव्हाण के मार्गदर्शन में यह विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने पारधी समाज की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया तत्काल पूरी की। उपविभागीय अधिकारी विद्यासागर चव्हाण ने जानकारी दी कि अब तक उमरेड और भिवापुर तालुका के चांपा, वडद (लक्ष्मीनगर), तिखाड़ी दहेगांव, गरडापार जैसे पारधी बस्तियों में 500 से अधिक विद्यार्थियों और पारधी बंधुओं को जाति प्रमाणपत्र एवं अन्य राजस्व दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं। जिल्हाधिकारी विपिन इटनकर के मार्गदर्शन में नागपुर जिले के काटोल, सावनेर, हिंगणा, भिवापुर, उमरेड, कळमेश्वर, नरखेड़, नागपुर ग्रामीण आदि तालुकों की 42 पारधी बस्तियों में विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन किया गया है। इनमें हजारों पारधी विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया गृह मौका जांच के माध्यम से पूर्ण की गई है जिससे उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सका है। जाति प्रमाणपत्र व आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कई पारधी विद्यार्थी शिक्षा अधूरी छोड़ने को मजबूर थे। इसे देखते हुए आदिवासी पारधी विकास परिषद ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे और जिल्हाधिकारी विपिन इटनकर से मुलाकात कर पारधी समाज की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद नागपुर जिले की 42 पारधी बस्तियों में तहसील प्रशासन की ओर से विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए गए, जहां संयुक्त गृह मौका जांच के जरिए जाति प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र आदि वितरित किए गए। इस अवसर पर आदिवासी पारधी विकास परिषद के विदर्भ अध्यक्ष व सेवक बबनराव गोरामन, जिलाध्यक्ष अनिल पवार, युवा प्रदेशाध्यक्ष आतिश पवार, राहुल राजपूत, प्रशांत गोरामन, निकेश माळी, मंगल भोसले, शिवसाजन राजपूत आदि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, पालकमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। पारधी समाज के विद्यार्थियों और उनके पालकों ने इस पहल पर खुशी जताते हुए आदिवासी पारधी विकास परिषद के कार्यों की सराहना की। परिषद के अध्यक्ष अनिल पवार ने कहा, “यह हमारे समाज के लिए बड़ी जीत है। जाति प्रमाणपत्र से हमारे बच्चों को शिक्षा और रोजगार की नई राह मिलेगी। हमारी लड़ाई आगे भी ऐसे ही जारी रहेगी।” शिविर के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, तहसील कार्यालय और परिषद के कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयासों की सर्वत्र सराहना की जा रही है। उपस्थित लोगों ने ऐसे शिविरों की पुनरावृत्ति की आवश्यकता जताई ताकि पारधी समाज का विकास सुनिश्चित किया जा सके।










