नागपुर. नागपुर संभाग में 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत चलाए गए क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन अभियान में अब तक कुल 4,401 नए मरीजों की पहचान की गई है। इस अभियान के अंतर्गत मैक्रोस्कोपी जांच की तुलना में 74 प्रतिशत मरीजों की न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (नैट) जांच पूरी हो चुकी है। यह अभियान विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के मार्गदर्शन में चलाया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों को सौंपे गए 100 दिवसीय कार्ययोजना के अंतर्गत, केंद्र सरकार द्वारा क्षयरोग उन्मूलन का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2024 से 17 मार्च 2025 तक नागपुर विभाग में यह अभियान संचालित किया गया। इस दौरान विभाग में कुल 9,944 ‘निक्षय’ शिविरों का आयोजन किया गया। साथ ही 14 ‘निक्षय’ प्रचार वाहनों के माध्यम से क्षयरोग के प्रति जनजागृति की गई। इस अभियान के तहत 1 लाख 10 हजार 804 संभावित मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 98 प्रतिशत का स्क्रिनिंग परीक्षण किया गया। इसके अलावा 1 लाख 26 हजार 351 एक्स-रे, नैट और मैक्रोस्कोपी जैसी जांचें की गईं। विभाग में सरकारी और निजी अस्पतालों के माध्यम से कुल 4,401 नए क्षयरोगियों का पंजीकरण हुआ। विभागीय राजस्व मंडलों में 16,420 मैक्रोस्कोपी जांचें की गईं, वहीं 43 प्रतिशत रोगियों का एक्स-रे परीक्षण भी पूरा हुआ। कुल 19 लाख 28 हजार 841 संभावित रोगियों में से 18 लाख 94 हजार 720 लोगों की जांच की गई। इस अभियान के अंतर्गत 1 लाख 10 हजार 804 रोगियों का पंजीकरण ‘निक्षय’ पोर्टल पर किया गया। साथ ही 262 लोगों ने स्वेच्छा से ‘निक्षय मित्र’ बनकर क्षयरोगियों की सहायता के लिए आगे आकर नोंदणी की। नागपुर के मुख्य क्षयरोग चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम निमगडे ने इस अभियान की सफलता में समन्वयक की भूमिका निभाई।










