नागपुर. नागपुर शहर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। वर्षों बाद पहली बार ऐसी घटनाएं हुई हैं जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनीं। इन घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस दिशा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिभंग करने वाले दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में राज्य के राजस्व मंत्री और नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र सिंगल, आईजी दिलीप पाटिल-भुजबळ, जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर, नगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगजेब से संबंधित एक दोपहर के आंदोलन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने शाम को दंगा भड़काया। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इस दौरान कई वाहनों को आग लगा दी गई और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस पर पत्थरबाजी में 34 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। फडणवीस ने कहा कि शहर में 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई है। अब तक 13 मामले दर्ज हुए हैं और 104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 12 नाबालिग शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज और नागरिकों द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर दंगाइयों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।फडणवीस ने बताया कि दंगे भड़काने के लिए 250 सोशल मीडिया पोस्ट की पहचान की गई है, जिनमें से 62 लोगों पर केस दर्ज किया गया है और दो को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि भड़काऊ पोस्ट डालने और उसे शेयर करने वालों को भी सह-आरोपी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगों में हुई संपत्ति और वाहनों की क्षति का आकलन कर तीन से चार दिनों के भीतर पीड़ितों को मदद दी जाएगी। लेकिन यह पूरी राशि दंगाइयों से वसूली जाएगी। जरूरत पड़ी तो दंगाइयों की संपत्ति कुर्क कर नुकसान की भरपाई की जाएगी। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 71 वाहन और कई निजी व सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन ने नुकसान का पंचनामा शुरू कर दिया है और बीमा कंपनियों को आवश्यक दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि आगामी त्योहारों और उत्सवों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो।










