दावोस. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के पहले दिन महाराष्ट्र ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में 6,25,457 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह आंकड़ा एक ही दिन में इतने बड़े निवेश समझौतों के लिए एक नया रिकॉर्ड है। आज, दूसरे दिन भी बड़े निवेश समझौतों की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निवेश समझौतों के अलावा कई प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें महाराष्ट्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। टाटा समूह के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की। टाटा समूह ने राज्य में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है।
अहम मुलाकातें और योजनाएं:
काल्सबर्ग समूह: मुख्यमंत्री ने काल्सबर्ग समूह के सीईओ जेकब अरुप एंडरसन से मुलाकात की। कंपनी ने महाराष्ट्र में निवेश करने की इच्छा जताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
लुलू समूह: लुलू समूह के प्रबंध निदेशक एम.ए. युसुफ अली ने नागपुर में निवेश करने और राज्य में विस्तार की अपनी मंशा जाहिर की।
रिन्यू पॉवर: रिन्यू पॉवर के सीईओ सुमंत सिन्हा के साथ मुख्यमंत्री ने बीड जिले में 15,000 मेगावाट पाइपलाइन और पवन ऊर्जा परियोजना को लेकर चर्चा की।
शिंडर इलेक्ट्रिक: शिंडर इलेक्ट्रिक इंडिया के सीईओ दीपक शर्मा ने राज्य के आईटीआई सशक्तिकरण और ऊर्जा क्षेत्र में एआई तकनीक के उपयोग को लेकर चर्चा की। उन्होंने नासिक और अहिल्यानगर में विस्तार की योजनाओं की जानकारी दी।
मास्टरकार्ड: एपीएसी के अध्यक्ष लाईंग हाई से मुलाकात कर फडणवीस ने वित्तीय क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।
लुईस ड्रेफस: कंपनी के सीईओ माइकल ग्लेन से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर बातचीत हुई।
कॉग्निजेंट: कंपनी के सीईओ रविकुमार एस. से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की।
इन निवेश समझौतों और चर्चाओं के साथ महाराष्ट्र ने अपनी विकास योजनाओं को नई गति देने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में निवेश करने वालों को हरसंभव मदद दी जाएगी।










