नागपुर. मध्य नागपुर स्थित आमदार सांस्कृतिक महोत्सव आयोजन समिति द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या के प्राणप्रतिष्ठा समारोह के प्रथम वर्धापन दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम बुधवार, 22 जनवरी को कन्हैया मित्तल के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।आयोजन समिति के अनुसार, यह कार्यक्रम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राणप्रतिष्ठा के ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में किया जा रहा है। समिति ने रामभक्त नागरिकों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। श्रीराम जन्मभूमि का ऐतिहासिक संघर्ष: श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में रामायण और हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्मस्थान है। ऐतिहासिक दृष्टि से, 1528 में इस भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। इसके बाद, यह स्थान हिंदू-मुस्लिम विवादों का केंद्र बन गया। 1853: इस भूमि को लेकर पहला विवाद हुआ। 949: विवादित ढांचे में भगवान राम की मूर्ति रखी गई। 1989: विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर निर्माण की मुहिम तेज की। 6 दिसंबर 1992: बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया। 5 अगस्त 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया। 22 जनवरी 2024: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का प्राणप्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। आयोजन समिति की ओर से संयोजक सुबोध आचार्य, सुनील काबरा, प्रसाद गाडे, संजय चिंचोले, पप्पू पानसे, राहुल आसरे, अक्षय ठवकर, अधर्व त्रिवेदी, रितेश पांडे, सनी झेंडे, अनुप सालवे, और अश्विन निमजे ने पत्रकारों को इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से इस ऐतिहासिक दिन को भव्यता से मनाने और कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की।










