नागपुर. संत्रा विदर्भ और नागपुर की पहचान है। पूरे देश में नागपुर को ‘ऑरेंज सिटी’ के रूप में जाना जाता है। नागपुर की प्रसिद्ध संतरे की बर्फी को देशभर में लोकप्रिय बनाने के लिए मैं बेहद प्रयासरत हूं। मदर डेयरी के मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। ऐसे मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) उद्योग बेहद महत्वपूर्ण हैं, और इसके लिए विदर्भ में संतरा प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करना जरूरी है। इससे संतरा उत्पादकों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय परिषद में कही। रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर पॉइंट में वनस्पति स्वास्थ्य प्रबंधन पर यह राष्ट्रीय परिषद आयोजित की गई थी। इसका आयोजन इंडियन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी और केंद्रीय लिंबूवर्गीय अनुसंधान संस्थान (सीआईसीआर) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर गडकरी मुख्य अतिथि थे। परिषद में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक और एसआरबी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सी. डी. मायी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। गडकरी ने कहा, “ऑरेंज सिटी नागपुर के लिहाज से यह परिषद बेहद महत्वपूर्ण है। विदर्भ का कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों से जूझ रहा है। यहां किसानों की आत्महत्या की समस्या गंभीर है। ऐसे में बदलाव लाना हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है। हम विभिन्न परियोजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं।” गडकरी ने कहा, “कपास और संतरा विदर्भ की मुख्य फसलें हैं। हर क्षेत्र, खासकर उद्योगों में, तकनीक और बाजार का बड़ा महत्व होता है। स्पेन के ऑरेंज ऑर्चर्ड्स में प्रति एकड़ 30 टन संतरे का उत्पादन होता है, जबकि हमारे यहां यह सिर्फ 12 से 15 टन है। हमें उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है। आईसीएआर इस दिशा में बेहतर काम कर रहा है और ऑरेंज ऑर्चर्ड विकसित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि आईसीएआर को विभिन्न संस्थानों की नर्सरी के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए। इसके लिए प्लांट पैथोलॉजी स्थापित करना आवश्यक है। रोगमुक्त कलम और पौधों की जरूरत है। संतरे के पौधों पर रोगों को रोकने के लिए निवारक उपाय करना बेहद जरूरी है। गडकरी ने मदर डेयरी के माध्यम से विदर्भ के संतरा उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए इस तरह की नई पहल पर जोर दिया।










