नागपुर. “यातायात नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया गया, कानून सख्त किए गए, फिर भी सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर रोक नहीं लग पाई। जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक इस पर नियंत्रण संभव नहीं। स्कूली जीवन में ही बच्चों को यातायात नियमों की शिक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि बचपन में पड़ी अच्छी आदतें हमेशा बनी रहती हैं।” यह विचार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को व्यक्त किए। वे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नागपुर के वनामति में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर के साथ बातचीत कर रहे थे। साक्षात्कार की शुरुआत में अनुपम खेर ने गडकरी द्वारा देशभर में हाईवे नेटवर्क के निर्माण में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। गडकरी ने कहा, “सड़क हादसों में मौतें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कोरोना, युद्ध या दंगों में जितनी मौतें नहीं होतीं, उससे कहीं ज्यादा हर साल सड़क दुर्घटनाओं में होती हैं। यह बेहद चिंताजनक है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहतरीन निर्माण और जनजागरूकता, दोनों की आवश्यकता है। यह जागरूकता स्कूली स्तर से शुरू होनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “देश में बेहतरीन सड़कें बनेंगी, लेकिन अगर लोग अनुशासन में नहीं रहेंगे, तो इन सड़कों का कोई लाभ नहीं। ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, ओवरस्पीडिंग, लेन ड्राइविंग का पालन न करना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना जैसी गलतियां लोग अक्सर करते हैं। वाहन चलाते समय यह ध्यान रखें कि घर पर आपकी मां, पत्नी और बच्चे आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। गडकरी ने बताया कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 18 से 34 वर्ष के युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, “जब किसी परिवार का युवा अचानक हादसे में चला जाता है, तो उस परिवार पर टूटने वाले दुख की कल्पना करना भी कठिन है।” कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने बताया कि देश में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है और सभी को इसमें सहयोग देना चाहिए।










