Desk News. आयरन मैन प्रतियोगिता एक अत्यंत कठिन चुनौती है, जिसमें तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ के माध्यम से निर्धारित दूरी पूरी करनी होती है। इस कठिन स्पर्धा को 18 वर्ष की आयु में सफलतापूर्वक पूरा करके दक्ष खंते ने एक आदर्श स्थापित किया है। साहसिक खेलों के ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में दक्ष युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, ऐसा मानना है खेल उपसंचालक शेखर पाटील का। प्रेस क्लब नागपुर, खेल विभाग और मित्र परिवार की ओर से पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के बसल्टन में हाल ही में आयोजित हुई 20वीं ‘आयरन मैन’ प्रतियोगिता में 18 वर्ष की आयु में पूरी प्रतियोगिता पूरी कर दुनिया के सबसे युवा ‘आयरन मैन’ बनने वाले दक्ष खंते का शनिवार को सम्मान किया गया। प्रेस क्लब ऑफ नागपुर में आयोजित इस समारोह में शेखर पाटील ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सूचना और जनसंपर्क विभाग के समन्वयक अनिल गडेकर, दक्ष खंते, और स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ नागपुर के अध्यक्ष अमित संपत समेत अमोल खंते और एकता खंते भी उपस्थित थे। शेखर पाटील ने कहा कि दक्ष खंते अपने माता-पिता के साहसिक खेलों के परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को जीवन में सफलता पाने के लिए खेलों को आवश्यक बताया और आगामी दस वर्षों में भारत में खेल उद्योग के विकास और 2036 ओलंपिक के भारत में आयोजन की संभावना व्यक्त की। अमित संपत ने दक्ष को आगामी यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दी। अनिल गडेकर ने कार्यक्रम के आयोजन की भूमिका स्पष्ट की और बताया कि इस प्रकार के सम्मान समारोह युवाओं को प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन राम ठाकुर ने किया।
आगे का लक्ष्य ओलंपिक
दक्ष खंते ने इस मौके पर ‘आयरन मैन’ बनने की अपनी पूरी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता का समर्थन, कोच अमित समर्थ का मार्गदर्शन, कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और शारीरिक व मानसिक ताकत के बल पर उन्होंने ‘आयरन मैन’ बनने का लक्ष्य अपने जन्मदिन पर पूरा किया। अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में खेलने का है।










