नागपुर. राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध खनिज संपदा को ध्यान में रखते हुए इसका समकालीन और पर्यावरणीय संतुलन के दृष्टिकोण से प्रबंधन आवश्यक है। भूविज्ञान और खनिकर्म संचालनालय के वरिष्ठ शोधकर्ताओं को इस पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए नए अवसरों का सूक्ष्म नियोजन करना चाहिए। यह निर्देश गृह (ग्रामीण), गृहनिर्माण, शालेय शिक्षा, सहकार और खनिकर्म राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दिए। डॉ. भोयर ने आज नागपुर स्थित भूविज्ञान और खनिकर्म संचालनालय कार्यालय का दौरा कर समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर संचालनालय के महानिदेशक डॉ. टी.के. राव, निदेशक डॉ. गजानन कामडे, उपनिदेशक श्रीराम कडू, रोशन मेश्राम और सहनिदेशक अंजली नगरकर ने उनका स्वागत किया। डॉ. भोयर ने कहा कि खनिज क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और इससे जुड़े औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने संचालनालय के तहत उपलब्ध मानव संसाधन, स्वीकृत पद और रिक्त पदों की समीक्षा की। इस दौरान चंद्रपुर, नागपुर, भंडारा और यवतमाल जिलों में चल रहे अन्वेषण प्रकल्प, जिसमें लाइमस्टोन, सोना, तांबा, बॉक्साइट और आयरन जैसे खनिज शामिल हैं, की प्रगति और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। संचालनालय के निदेशक डॉ. गजानन कामडे ने राज्य में प्रमुख और गौण खनिज, पूर्वेक्षण योजनाओं और संचालनालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. भोयर ने खनिज क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने के लिए संचालनालय को पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।










