नागपुर. रामदेवबाबा विश्वविद्यालय के डिजिटल टॉवर का उद्घाटन भारत के माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया। 12 मंजिला यह भवन विश्वविद्यालय की आधुनिक शिक्षा और तकनीकी उन्नति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उद्घाटन समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने छात्रों को बदलाव को अपनाने और चुनौतियों से न डरने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत अब निवेशकों के लिए एक पसंदीदा देश बन गया है और युवा पीढ़ी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी प्रौद्योगिकियों को अपनाने में अहम योगदान होगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उद्धरण देते हुए कहा, “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत।” इस मौके पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और संस्थान के संस्थापक बनवारीलाल पुरोहित भी उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और राज्य सरकार द्वारा डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। संस्थान के संस्थापक बनवारीलाल पुरोहित ने अपने संबोधन में संस्थान की नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. एस.एस. मनथा और वाइस-चांसलर डॉ. आर.एस. पांडे ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर की घोषणा की गई, जो भारतीय विश्व अनुसंधान परिषद और रामदेवबाबा विश्वविद्यालय के बीच होगा। समारोह का समापन विश्वविद्यालय की शिक्षा और शोध क्षमताओं को और अधिक सशक्त करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।










