नागपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने “प्रिय मित्र” को बचाने के लिए सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया कि 2017 में एनडीटीवी पर छापा मारने के बाद अडानी समूह ने इसमें 68% हिस्सेदारी हासिल कर ली। इसी तरह, अंबुजा सीमेंट कंपनी और नोएडा क्विंट के कार्यालयों पर छापों के बाद अडानी समूह ने इनमें भी हिस्सेदारी ले ली। उन्होंने कहा कि एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए अडानी समूह को देश के कई प्रमुख बंदरगाह और हवाई अड्डे सौंपे गए हैं। उन्होंने सेबी के चेयरमैन के रूप में गैर-आईएएस अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बावजूद 18 महीने की अवधि की मांग की जा रही है। बघेल ने सवाल किया कि यदि निवेशकों के पैसे डूबते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इसके लिए उन्होंने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की मांग की है। बघेल ने झारखंड में सरकार अस्थिर करने के प्रयासों की भी आलोचना की और कहा कि जहां भी गैर-भाजपा सरकारें हैं, वहां भाजपा सरकार अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। चुनावों पर टिप्पणी करते हुए बघेल ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की नीति पर सवाल उठाया और पूछा कि महाराष्ट्र में चुनाव क्यों नहीं घोषित हो रहे हैं।
अंत में, महादेव ऐप पर चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह ऐप अभी भी देशभर में चल रहा है और भाजपा की मदद से संचालित हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे तुरंत बंद करने की मांग की।










