नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विदर्भ प्रांत सहसंघचालक श्रीधर गाडगे ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), केवल एक आंदोलन नहीं है, बल्कि इस संगठन ने पिछले 75 वर्षों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। श्रीधर गाडगे ने मंगलवार को श्रद्धेय दत्ताजी डिडोळकर की जन्मशताब्दी वर्ष के तहत राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर दक्षिण अंबाझरी मार्ग स्थित बी. आर. एस. मुंडले सभागृह में आयोजित जिला सम्मेलन में यह बातें कहीं। इस सम्मेलन में ABVP के पुराने और वर्तमान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीधर गाडगे ने की। दत्ताजी डिडोळकर जन्मशताब्दी समारोपीय कार्यक्रम के संयोजक भूपेंद्र शहाणे, ABVP राष्ट्रीय कला मंच के अ. भा. प्रमुख प्रदीप मेहता, नागपुर महानगर अध्यक्ष प्रा. रविकिशन मोर, और महानगर मंत्री कार्तिक सीरिया मंच पर प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ ABVP कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। विशेष रूप से, यह सम्मेलन विदर्भ के 11 जिलों में आयोजित किया गया था।श्रीधर गाडगे ने ABVP के सफर को बताते हुए महात्मा गांधी की हत्या के बाद कार्यकर्ताओं के कैसे संगठित हुए और ABVP की धारा कैसे शुरू हुई, इसका उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई राजनेताओं ने इस धारा को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। डॉ. हेडगेवार और दत्ताजी डिडोळकर जैसे नेतृत्व ने आनंद और आत्मीयता के बल पर इस छात्रगंगा को बढ़ाया और इसमें लाखों कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी ने पुरानी पीढ़ी का सम्मान कर अपनी प्रेरणा बढ़ाई है।
प्रदीप मेहता ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में छात्रों का बड़ा योगदान था और आज देश में 50 लाख से अधिक कार्यकर्ता सक्रिय हैं। भूपेंद्र शहाणे ने विद्यार्थी परिषद स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ज्ञान, शील, और एकता के सिद्धांतों पर आज भी विद्यार्थी परिषद आगे बढ़ रही है। कार्यकर्ताओं और छात्रों को गढ़ने में दत्ताजी डिडोळकर का बड़ा योगदान रहा है।
कार्यक्रम का प्रारंभिक संबोधन ABVP नागपुर अध्यक्ष रविकिशन मोर ने किया। उन्होंने ABVP के कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संयोजक भागवत भांगे ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह का संचालन किया। सत्कारमूर्ति के प्रतिनिधि निलेश साठे ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका वैद्य ने किया और आभार व्यक्त कार्तिक सीरिया ने किया।










