Desk news. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी ने कहा कि हिंदुत्व का विचार किसी को पराजित करने का नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने का सर्वसमावेशी विचार है। उन्होंने कहा कि शस्त्र नहीं, बल्कि शास्त्र के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन देने का यह सफर जारी है। जोशी पुसद के ‘केशव स्मृति भवन’ के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। यह भवन पुसद के संघ कार्यालय परिसर में सांस्कृतिक संवर्धक मंडल, यवतमाल द्वारा निर्मित किया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम मंगलवार, 21 जनवरी को संपन्न हुआ। उन्होंने कहा, “संघ ने समाज को एक पहचान दी है और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना को आत्मसात करते हुए अपने कार्य को अविरत जारी रखा है। बदलते भारत में हमें मूक साक्षी नहीं, बल्कि सक्रिय साक्षी बनना चाहिए। हमारा लक्ष्य भारत को सुपरपावर बनाने से अधिक उसे सुपर राष्ट्र बनाना होना चाहिए।” मंच पर प. पू. आचार्य जितेंद्रनाथ महाराज, प्रांत संघचालक दीपक तामशेट्टीवार, विभाग संघचालक विजयराव कोषटवार और पुसद जिला संघचालक डॉ. पंकज जयस्वाल मौजूद थे।प. पू. जितेंद्रनाथ महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि विदर्भ की भूमि ने अनेक संतों और विचारकों को जन्म दिया है। ‘केशव स्मृति’ नाम प्रेरणा और ऊर्जा देने वाला है। उन्होंने कहा कि संघ, संत और समाज के समन्वय से देश को परम वैभव तक ले जाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। भैयाजी जोशी ने कहा कि पुसद का विशेष महत्व है, क्योंकि संघ के संस्थापक प. पू. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का यहां आगमन हुआ था। पुसदवासियों ने भवन निर्माण में समाज सहभागिता का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने सभी को संघ के विचारों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम का प्रास्ताविक और परिचय पुसद जिला संघचालक डॉ. पंकज जयस्वाल ने किया। संचालन नगर कार्यवाह अभिषेक गवली ने किया। लोकार्पण समारोह के अंत में ‘पसायदान’ का पाठ किया गया। यह लोकार्पण कार्यक्रम शताब्दी और कुंभ मेले के विशेष अवसर पर आयोजित हुआ, जो हमेशा स्मरणीय रहेगा।












