नागपुर. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और उन्हें आमजन तक पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और विभाग प्रमुखों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। अगर कोई अधिकारी लापरवाही या कार्य में देरी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावनकुले ने यह बात जिला परिषद के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कही। बैठक में विधायक चरणसिंह ठाकुर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्षा गौरकर, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सार्वजनिक निर्माण विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में जलापूर्ति योजना, आंगनवाड़ी निर्माण, पनधन सड़कों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की आपूर्ति को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जलापूर्ति योजना में पानी के स्रोत सुनिश्चित किए बिना अन्य कार्य शुरू न किए जाएं। यदि ऐसा हुआ है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मंत्री ने हर विकास कार्य का जीआईएस टैगिंग अनिवार्य करने और विभाग प्रमुखों को काम की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी ग्रामीण इलाकों में जाकर योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की सभी योजनाएं ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत तय खाके के अनुसार ही लागू होनी चाहिए। इस खाके को समय-समय पर अपडेट किया जाए और आवास जैसी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ तय समय में पूरा किया जाए। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि जिला परिषद के 168 करोड़ रुपये मुहर शुल्क विभाग में लंबित हैं। इस पर मंत्री ने तुरंत उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा और राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस राशि को जिला परिषद के विकास कार्यों में इस्तेमाल करने के लिए तत्काल प्रयास करें।










