लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी की पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दत्तात्रेय होसबाले जी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकगीतों में सामाजिक समरसता के दर्शन होते हैं। भारत की आत्मा एक है, लेकिन उसके प्रकटीकरण अनेक रूपों में होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति तो एक ही है, पर उसकी अभिव्यक्ति विभिन्न स्वरूपों में प्रकट होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकों से पढ़ा गया इतिहास केवल जानकारी के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन जीने का वास्तविक मार्गदर्शन भारत के सांस्कृतिक इतिहास, लोकगीत, लोकसंगीत, लोकनृत्य, लोकसाहित्य और देश की हजारों बोलियों में मिलता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े लोग उपस्थित थे।
चलती ट्रेन में चढ़ती महिला का फिसला पैर, आरपीएफ कर्मचारी ने दौड़ कर बचाया; टली दुर्घटना
नागपुर: रेलवे सुरक्षा बल नागपुर पोस्ट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षक” के अंतर्गत एक महिला यात्री की जान बचाने का साहसिक कार्य किया गया। यह घटना सोमवार शाम लगभग…










