नागपुर. नागपुरमें 12 से 14 जनवरी 2025 तक राज्यस्तरीय मराठी भाषाप्रेमी शैक्षणिक साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मराठी भाषा को अभिजात दर्जा मिलने के बाद इसे ज्ञानभाषा बनाने के उद्देश्य से ‘आम्ही मराठी’ आंदोलन की पहल की गई है। इसी कड़ी में नूतन भारत विद्यालय और कनिष्ठ महाविद्यालय, विदर्भ साहित्य संघ, नागपुर महानगरपालिका शिक्षा विभाग, और कनिष्ठ महाविद्यालयीन मराठी विषय शिक्षक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन नागपुर के कविवर्य सुरेश भट सभागृह, रेशीमबाग में रविवार, 12 जनवरी को शाम 6 बजे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों उद्घाटित होगा। मराठी सिने अभिनेता अंकुश चौधरी भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र शोभणे करेंगे। विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष प्रदीप दाते स्वागताध्यक्ष होंगे। उद्घाटन से पहले शाम 5:30 बजे ग्रंथ दिंडी का आगमन और पूजन होगा। इसके बाद मराठी बैंड की विशेष प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक, शैक्षणिक, और सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहेंगी, जिनमें विधायक अभिजीत वंजारी, मोहन मते, प्रवीण दटके, शिक्षा उपसंचालक उल्हास नरड, शिक्षाधिकारी रोहिणी कुंभार और डस्कलाइन इंफ्रा के संचालक समीर महाजन प्रमुख हैं। 13 जनवरी को सुबह 10 बजे “बालभारती और मराठी मन का संबंध” विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक एकनाथ आव्हाड, मोहन शिरसाट और अन्य लेखक हिस्सा लेंगे।
इसके बाद “मराठी की वर्तमान स्थिति और ज्ञानभाषा की दिशा” पर चर्चासत्र का आयोजन होगा। इसमें शिक्षाविद, मीडिया प्रतिनिधि, और साहित्यकार हिस्सा लेंगे।
शाम 5:30 बजे कवी बबन सराटकर की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें नामचीन कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। 14 जनवरी को सुबह 10 बजे डॉ. रविंद्र शोभणे की उपस्थिति में समापन समारोह होगा। प्रमुख वक्ताओं में शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले, विधायक विकास ठाकरे और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। आयोजकों ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और मराठी प्रेमियों से सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।










