यवतमाल. यवतमाल जिले के पूर्व जिला कृषि विकास अधिकारी राजेंद्र मालोदे और जिला गुननियंत्रण अधिकारी कल्याण पाटिल पर कृषि सेवा केंद्र संचालकों से लाखों रुपए की रिश्वत लेने और अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने जिले के 16 तहसीलों के कृषि सेवा केंद्र संचालकों से धमकी और ब्लैकमेलिंग के जरिए पैसे वसूल किए। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र मलूदे और कल्याण पाटिल ने कृषि सेवा केंद्र संचालकों से निर्धारित राशि की रिश्वत ली और पैसे देने से मना करने पर उन्हें कोर्ट में मामला दर्ज करने और दुकान सील करने की धमकी दी। इसके अलावा, राजेंद्र मलूदे पर आरोप है कि उसने हैदराबाद में करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति बनाई है, जबकि कल्याण पाटिल सैंपल जांच के नाम पर ब्लैकमेलिंग कर रहे थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मलूदे ने तेलंगाना में एक फोर्ड फिगो कार खरीदी और पाटिल ने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार का इस्तेमाल अवैध वसूली के लिए किया। मलूदे ने हैदराबाद में चार स्पा मसाज सेंटर और एक तनिष्क शोरूम भी खोला है, जबकि यवतमाल के एमआईडीसी में करोड़ों रुपए की भूमि खरीदी है। इन गंभीर आरोपों के बाद दोनों अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है, लेकिन कृषि सेवा केंद्र संचालकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे या यह मामला दबा रहेगा।











