नागपुर. माझी मेट्रो परियोजना ने देश में सबसे तेज गति से निर्माण पूरा कर उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं। इससे नागपुर की आधारभूत संरचना और नागरिकों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। इस परियोजना ने देश में नई कार्यसंस्कृति का उदाहरण स्थापित किया है। यह बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही। मुख्यमंत्री फडणवीस नागपुर स्थित क्रॉसवर्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में एबीपी माझा की संपादक सरिता कौशिक द्वारा लिखित पुस्तक ‘बेटर दैन द ड्रीम्स’ की दूसरी आवृत्ति के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर अर्थ और योजना राज्य मंत्री एड. आशीष जयसवाल और महाराष्ट्र राज्य आधारभूत संरचना विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश दीक्षित भी मंच पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर मेट्रो के पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण की भी शुरुआत हो चुकी है। दूसरा चरण ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ने पर केंद्रित है, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नागपुर मेट्रो की योजनाबद्ध तरीके से हुई प्रगति के कारण अन्य राज्यों से भी इस मॉडल को अपनाने की मांग हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो परियोजना ने नागपुर शहर की जीवनशैली में बड़ा बदलाव लाया है। यह बदलाव ‘बेटर दैन द ड्रीम्स’ पुस्तक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जहां मुंबई मेट्रो ने 11 साल में 11 किलोमीटर का काम पूरा किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल पांच साल में 300 किलोमीटर का काम पूरा किया गया। नागपुर मेट्रो ने चार साल में 32 किलोमीटर का निर्माण पूरा किया है, और दूसरे चरण का काम भी तेजी से चल रहा है। फडणवीस ने पुणे मेट्रो के तेजी से पूरे होने का भी जिक्र किया और इसका श्रेय तत्कालीन प्रबंध निदेशक ब्रिजेश दीक्षित को दिया। उन्होंने बताया कि नागपुर मेट्रो कंपनी की स्थापना के बाद पुणे मेट्रो का कार्य भी इसी कंपनी ने शुरू किया। पुणेकरों में भरोसा बढ़ाने के लिए महामेट्रो कंपनी की स्थापना की गई। इस अवसर पर पुस्तक की लेखिका सरिता कौशिक ने बताया कि नागपुर मेट्रो ने लोगों की जीवनशैली पर क्या प्रभाव डाला, इसे विभिन्न घटनाओं और शहर के इतिहास के साथ इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। महामंडल के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश दीक्षित ने नागपुर मेट्रो की शुरुआत और इसे धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री फडणवीस के योगदान को अहम बताया। कार्यक्रम का संचालन निधि काळे ने किया, जबकि स्वागत भाषण राजू अरोरा ने दिया।










