नागपुर. महाराष्ट्र को जलसमृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज नारपार सिंचाई परियोजना, मराठवाड़ा वॉटरग्रिड योजना, समृद्धि महामार्ग की उच्च गुणवत्ता परिवहन व्यवस्था और दमनगंगा-एकदारे-गोदावरी परियोजना को वित्तीय सहायता दिलाने के लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बैंक, कोरियन एक्ज़िम बैंक और एएफडी बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में इन बैंकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए वित्तीय सहयोग के लिए तत्परता दिखाई। बैठक के दौरान इन परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बैंक के उपाध्यक्ष हुन किम ने कहा कि वे इन परियोजनाओं के लिए हर संभव सहायता देंगे। बैठक के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी हुआ जब हुन किम ने मुख्यमंत्री फडणवीस को बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से भारत आ रहे हैं, लेकिन कभी बाघ नहीं देखा था। आज सुबह उमरेड में उन्हें पहली बार बाघ को करीब से देखने का मौका मिला, जिसे उन्होंने एक यादगार अनुभव बताया। इस बैठक में कोरियन एक्ज़िम बैंक के वरिष्ठ अधिकारी जंग वैन रीव्यू, मित्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीन परदेशी, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के सह-व्यवस्थापकीय निदेशक मनोज जिंदाल, गोदावरी मराठवाड़ा सिंचाई विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक एस.आर. तिरमनवार, तापी सिंचाई विकास मंडल के कार्यकारी निदेशक जे.डी. बोरकर, कोरियन एक्ज़िम बैंक की परियोजना विकास विशेषज्ञ रागेश्री बोस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान तापी रिचार्ज योजना को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक का भी जिक्र हुआ। सिंचाई विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कपूर ने जानकारी दी कि इस परियोजना के प्रति मध्यप्रदेश सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।











