नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बीमा बाजार, पेंशन बाजार और शेयर इकोनॉमी देश की आर्थिक वृद्धि के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन तीनों क्षेत्रों से आने वाला पूंजी निवेश हमारे उद्योग और व्यापार को मजबूती प्रदान कर सकता है। वे ‘अमृतकाल: विकसित भारत 2047’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय निवेशक प्रशिक्षण सम्मेलन के समापन समारोह में बोल रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन मनी बी इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 1, 2 और 8 फरवरी को किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन होटल सेंटर पॉइंट, रामदासपेठ, नागपुर में हुआ। इस अवसर पर ‘नवाब ऑफ दलाल स्ट्रीट’ के नाम से प्रसिद्ध उद्योगपति रमेश दमानी, मनी बी के प्रबंध निदेशक आशुतोष वखरे और निदेशक शिवानी दाणी-वखरे भी मंच पर मौजूद रहे। गडकरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि भारत आत्मनिर्भर बने और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष क्षेत्रों में तेजी से विकास करना आवश्यक है। बीमा इकोनॉमी, शेयर इकोनॉमी और पेंशन इकोनॉमी में बड़ी मात्रा में पूंजी संग्रहीत है। यदि इन क्षेत्रों में पूंजी का प्रभावी निवेश किया जाए तो देश की आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए आर्थिक साक्षरता को बढ़ावा देना आवश्यक है और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि सही निवेश निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत है और इस दिशा में वखरे दंपति द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है। गडकरी ने कहा कि वित्तीय संसाधन और तकनीक से अधिक महत्वपूर्ण विश्वसनीयता होती है। 21वीं सदी में निवेश करने से पहले कंपनी की साख, शेयर की वृद्धि दर और प्रतिस्पर्धात्मकता को समझना आवश्यक है। यदि इन बातों को ध्यान में रखकर निवेश किया जाए तो अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान शिवानी दाणी ने नितिन गडकरी और रमेश दमानी का बेहद सरल भाषा में साक्षात्कार लिया, जिसमें उन्होंने उपस्थित दर्शकों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन आसावरी देशपांडे ने किया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में निवेशकों और छात्रों ने भाग लिया।
डेमोक्रेसी, डेमोग्राफिक और डिजिटलीकरण महत्वपूर्ण: रमेश दमानी
रमेश दमानी ने कहा कि भारत डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। इसके कारण जीवनशैली में बड़ा बदलाव आ रहा है। वैश्विक बाजारों को यह महसूस हो रहा है कि भारत तीसरी दुनिया के देश से निकलकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा में भारत का मध्यम वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी कारण बुल मार्केट की नजर भारत पर टिकी हुई है। दमानी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत विश्व की तीसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा और इसमें डेमोक्रेसी (लोकतंत्र), डेमोग्राफिक (जनसांख्यिकी) और डिजिटलीकरण (डिजिटलीकरण) की अहम भूमिका होगी। याज्ञवल्क्य ने किया चकित सम्मेलन के दौरान एक दिलचस्प घटना तब हुई जब शिवानी दाणी-वखरे के बेटे याज्ञवल्क्य ने ‘आउट-की’ नामक ढाई का पहाड़ा सुनाया। यह पारंपरिक ‘पाव-की’ और ‘निम-की’ पहाड़े की तर्ज पर था, जिसे सुनकर उपस्थित दर्शक चकित रह गए।











