नागपुर. फार्मा उद्योग में तेजी से नए-नए अनुसंधान हो रहे हैं। इस क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को भी नए प्रयोगों और अनुसंधानों पर ध्यान देना चाहिए। नागपुर में बड़ी संख्या में फार्मा उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने शनिवार (15 मार्च) को कही। नागपुर के लोणारा स्थित सेंट्रल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह वनामती सभागार में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुंबई की अंजुमन इस्लाम संस्था के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. जहीर काजी, प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव चौधरी, पूर्व मंत्री अनिस अहमद समेत अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस दौरान गडकरी ने कहा, “नागपुर में फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और इसमें फार्मेसी के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्हें सिर्फ ज्ञान अर्जित करने तक सीमित न रहकर उद्यमशील बनने की भी आवश्यकता है। वे न केवल नौकरी पाने वाले बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें और विदर्भ के आर्थिक विकास में योगदान दें।” उन्होंने आगे कहा, “डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने शिक्षा को शेरनी का दूध कहा था। शिक्षा केवल एक छात्र का नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज का विकास करती है। ज्ञान में अपार शक्ति होती है।” गडकरी ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उसके गुणों और योग्यता से होती है। उन्होंने मुस्लिम समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज की सेवा करने की अपील भी की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी फार्मा क्षेत्र में हो रही प्रगति और रोजगार के अवसरों पर अपने विचार साझा किए।










