नागपुर. शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले व्यक्ति ने 50,000 रुपये की ठगी की। गणेशपेठ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
शिकायतकर्ता, जो कोराडी पावर स्टेशन से सेवानिवृत्त हैं, 23 अक्टूबर 2024 को कॉटन मार्केट में सब्जी खरीदने के लिए मेट्रो से आए थे। दोपहर करीब 11:30 बजे, मेट्रो स्टेशन के लिफ्ट के पास एक व्यक्ति (लगभग 50 वर्ष) उनके पास आया और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि “आपके चारों ओर पुलिस ने घेरा डाल दिया है।”
उसने शिकायतकर्ता से उनके मोबाइल में फोटो होने का दावा किया और उनकी जेब की तलाशी ली। तलाशी के बाद उसने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर वे गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं, तो उसे पैसे देने होंगे। शिकायतकर्ता ने घबराकर बताया कि उनके पास घर से पैसे लाने होंगे।
आरोपी ने उन्हें अपने साथ बाइक पर बिठाकर उनके घर के पास पहुंचाया। वहां से शिकायतकर्ता ने घर से 10,000 रुपये नकद और दो एटीएम कार्ड लेकर आरोपी के साथ पास के एटीएम में जाकर 40,000 रुपये निकाले। शिकायतकर्ता ने कुल 50,000 रुपये आरोपी को दे दिए।
इसके बाद आरोपी ने उनसे 1,00,000 रुपये और लाने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई तो आरोपी वहां से फरार हो गया।
बाद में, 16 नवंबर 2024 को, शिकायतकर्ता के गांव में रहने के दौरान आरोपी ने उन्हें फोन कर फिर से 2.5 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि पुलिस गाड़ी लेकर उनके गांव पहुंच जाएगा।
शिकायत के आधार पर गणेशपेठ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और ठगी के दौरान इस्तेमाल किए गए सबूतों को जब्त कर लिया गया। फर्जी पुलिस बनकर की 50,000 रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तारयह कार्रवाई नागपुर पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंगल, अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद शेवाले, और पुलिस उप आयुक्त महक स्वामी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक मच्छींद्र पंडित की टीम द्वारा की गई। जांच टीम में मल्हारी डोईफोडे, तेजराम, वैभव यादव, दलीत लोखंडे, पवन मालखेडे, सुमेध नितनवरे, और सागर धवन शामिल थे।
नागपुर शहर में यह पहली बार है कि इस प्रकार के अपराध का खुलासा हुआ है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।










